शिकायतें ..🤔
एक अंजान लड़की इसके पहले की हम उससे कभी मिले भी नहीं थे । लेकिन हमारी उनकी मुलाकात एक बार बस कुछ समय के लिए हुई । उस वक्त तो हम लोग एक दूसरे के बारे में बेवजह कुछ भी नहीं सोचते थे । पर पता नहीं उस छोटी सी मुलाकात से हम लोग एक दूसरे के बारे में सोचने लगे पता ही नहीं चला । शायद हम लोग उस मुलाकात में सिर्फ़ एक दूसरे को देखे थे , न कि हम लोग की किसी भी प्रकार की उस वक्त बातें भी नहीं हुई थी ।बहुत दिनों तक ये सिलसिला यूंही चलता रहा । उन दिनों में शायद हमारे अंदर उनके प्रति किसी भी प्रकार का ख़्वाब ना ही कोई वजह रहती थी । सिर्फ़ होती थी तो उनकी यादें वो भी कभी कभी थोड़ी बहुत आ जाया करती थी , उस वक्त बस हमारे लिए सिर्फ़ उनकी यादें ही अमूल्य थीं । सच्चाई ये है कि हम कभी भी उनके बारे में किसी भी प्रकार की गलत भावना नहीं सोचते थे । फिर हुआ ये की हम लोग की दूसरी बार मुलाकात करने का अवसर मिला जिसमें शायद हमें लग रहा था कि हम अपने दिल की बातों को उनके सामने रखने का मौका मिला ।
क्योंकि हमारी मुलाकात बहुत दिनों बाद हुई थी । इसलिए हम सोचें उनके सामने अपनी बात को रखना चाहिए । अब हमें उन्हें अपने दिलों की बात रखने किसी भी प्रकार का साधन नहीं था । हमें कुछ कुछ याद है शायद हम उनको अपने दिल की बातों को रखने का तरीका एक पत्र के जरिए रखा । अब एक प्लेन कागज का पन्ना था । जिसमें हमें अपनी सारी परेशानियों अथवा भावनाओं को व्यक्त करना था । अब हम उस छोटे से एक पन्ने में अपनी सारी शिकायतें लिखीं और किसी न किसी माध्यम से उन तक भेज दी गईं । उनको शायद हमारा पत्र प्राप्त भी हो गया था । उसके पीछे ये लिख दिए थे कि , अगर आपको किसी भी प्रकार की अपनी बात रखना हो तो उस पन्ने के पीछे आप अपनी बात को रख सकते हैं । अब वो पत्र जिस प्रकार दिया गया था बस वो पत्र हमें वैसे का वैसे वापस कर दिया गया । चूंकि हम उसके पीछे व्यवस्थित तरीके से लिख दिया था की आप अपनी बात रख सकते हैं लेकिन उन्होंने उधर से किसी भी प्रकार का ज़वाब नहीं भेजा गया । उस लौटाए गए पत्र को देख के हमें कुछ तकलीफ़ हुई लेकिन फिर हम उन सभी बातों को अनदेखा करने लगे। अब इस तरह करते करते काफ़ी दिन हो गए थे , फिर एक बार उन्होंने किसी भी तरह से हमको कॉल किया । 🤔🤔
शेष अगले अंक में ......✍️
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