इश्क़ की गुस्ताखियां ..🤔


Dear #ज़िंदगी#


वैसे इंसान की कितनी बड़ी गलतफहमी रहती है की वो सिर्फ़ मेरे होंगे । और हम बस उन्हें एक पल देख के अपना समझ लेते हैं । ये एक प्रकार से देखा जाए तो एक पागलपन ही है कि  हम कभी बेवजह अगले इंसान को अपना समझ लेते हैं । ताकि हमें ये भी पता होता है की वो मेरा कभी नहीं हो सकता है लेकिन फिर भी । अब किसी बिना बताए उसके लिए अपने मन बहुत सारे सवाल लेके सोचना फिर उन्हीं सवालों का ज़वाब ढूंढना शायद यही कुछ बातें होती हैं जो इंसान के अपनापन का अहसास दिलाती हैं ।

          ऐसे तो कई खत लिखे होंगे हमने, कुछ पन्नो पर, कुछ मन में। शायद ये मेरा आखिरी सन्देश हो। शायद हम हर दर्द को छिपाना सीख गए हैं। मेरी मुलाक़ात कहने को तो ज़िन्दगी के हर मुकाम पर कई अलग तरह के लोगो से हुई हैं, पर आज तक ऐसा संयोग नही बना की किसी ऐसे से मिलूं जिसके बारे में हर पल सोच सकूँ। फिर एक दिन आपका आना हुआ। एक प्रकार से समझा जाए की आप हमारे दिलों की हर बात का जवाब और  एहसास थे । पहली बार तो हमें ये पहली नज़र का प्यार लगा। फ़िर धीरे धीरे, हर चीज़ अच्छी लगने लगी। आपका स्वभाव, आपकी मुस्कान, आपका मुश्किलों से लड़ने का तरीका, हिम्मत नहीं हारने का जज़्बा, हर चीज़ आकर्षित करती थी। शायद मैं कभी शब्दों में बयां न कर सकूं इतने पसंद हैं आप। एक समय ऐसा आया कि आपको देखें बिना दिन गुज़ारना मुश्किल था। आपकी परछाई तक से प्यार हो गया था की एक बार देख लूं तो मेरे दिल को सुकून मिल जाए  ।  आप अंजान हो  मेरी मोहब्बत से, या अनदेखा कर रहे हो, मुझे नहीं पता। पर इश्क़ तो हैं, जो मुकम्मल नहीं होता।

वैसे कभी कभी हम किसी इंसान को इतनी शिद्दत से चाहने लगते हैं ,
जैसे उनसे दूर जाने का कभी मौका ही ना आए । सच तो यही है की हम चाहना नहीं छोड़ते । अब ये तो नहीं हो सकता की जो हमें हासिल ना हो सिर्फ़ उसी को चाहो । वास्तव में सच्चा इश्क़ वही है की जिसे हमें पाने की उम्मीद न हो फिर भी हम उसे चाहें । वैसे इंसान कभी कभी ये भूल बैठता है की हम जिस भी इंसान को अपना समझ बैठते हैं , तो क्या वास्तव में उनके भी मन में मेरे होने या न होने का जिक्र होता होगा । क्यूंकि इंसान कभी कभी किसी को इतना बिना कोई वजह के अपना समझने लगता है की पता नहीं । अब ये है की मेरा मिलना या ना मिलना ये तो मुकद्दर की बात है , लेकिन किसी इंसान को चाहना तो हमारे बस में होता है । अब चाहे वो इंसान हमें मिले या न मिले ।        
        
         मुझे खुद नहीं पता की मुझे कब तुमसे __❤️__ हो गया. अब तो ये इस कदर दिल और दिमाग़ में चढ़ चुका है की हर जगह मुझे बस तुम ही तुम नज़र आती हो. मुझे नहीं पता की कब तुम मेरे दिल में बस गयी और अब आलम ये है की मै हमेशा सिर्फ तुम्हारे बारे में ही सोचता रहता हूँ.

               शायद तुम विश्वास ना करो लेकिन ये सच है की जब भी सुबह मेरी आँखें खुलती हैं तो मै सबसे पहले तुम्हारे बारे में सोचता हूँ. ठीक ऐसा ही रात को सोते समय होता है, तुम्हारे बारे में सोचते सोचते ही नींद के आगोश में चला जाता हूँ. समझ नहीं आ रहा है की तुम्हें कैसे समझाऊँ की अब तुम मेरी आदत बन चुकी हो. एक ऐसी आदत जो शायद ही कभी छूट पाए. 
             तुम्हारे लिए ये सिर्फ़ चंद लाइन होंगी और मेरे लिए तो ये मेरा सब कुछ मेरा चैन , और सुकून ।बस हमें कहना पड़े की हमको आपसे इश्क़ हो गया है लेकिन हम सिर्फ़ यही बात को कहने से हमेशा डरते थे । नाराज़ ना हो जाओ मेरी गुस्ताखियों से इसलिए बड़ी खामोशी के साथ तुम्हारे दिल की धड़कन को सुना करता हूं ।

वैसे ये एक तरफा इश्क़ की बुनियाद ही कुछ ऐसी होती है की इंसान अपनी से ज्यादा अगले इंसान को खुश देखने में खुश होता है । कभी कभी तो ये भी लगता है की हम कहीं न कहीं उनके पास हमारी ज़िन्दगी का छोटा सा हिस्सा है । 

रिश्ता खराब होने की वजह एक ये भी है कि ,लोग झुकना पसंद नहीं करते ।
              शायद आपको ये कहां पता होगा कि यादों का बोझ बहुत भरी होता है । तुम्हारे बिना बिलकुल अधूरा सा हो गया हूँ मै. मै तुम्हे कितना Miss कर रहा हूँ इसका तुम अंदाजा नहीं लगा सकते हो . I Am Missing U So Much & @ मेरा यकीन करो, या ना करो । बस यूंही तुम्हे चाहते रहना हमारे हिस्से में रहेगा हमेशा   ...? तुम्हारे अलावा सोचूं भी तो क्या भला । जब पता हो कि हमें अकेलापन ही महसूस करना है हमेशा । अगर मेरे प्यार की ज़रा सी भी कमी महसूस हो तो उसे तुम छुपा के रखना । 


मुझे तुम्हारा हमेशा इन्तजार रहेगा 🤔❤️🤔
वैसे आसान तो नहीं था इस राह पर चलना , लेकिन इस उम्मीद से आगे बढ़ते गए कि शायद एक दिन तुम मेरे होगे ..
वैसे इश्क़ ये भी है की किसी के नाम पे लिखना और उसका नाम न लिखना 


                                               सिर्फ़ कोशिश .....✍️✍️

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