मुलाकात 🤔

हम दोनों लोगों की ऐसी कुछ खास मुलाकात भी नहीं हुई तब भी हम लोग कुछ इस तरह एक दूसरे के इतने करीब आ गए कि सोचने का भी वक्त ना मिला ? हुआ कुछ युं कि हम लोग कि जब टाइम मिलता तब एक दूसरे को याद कर लेते थे लेकिन ये करते हुए हम लोग को बहुत दिन हो गए थे ! और हम लोग अपने अपने दिल के जज़्बातों को इतने हिफाज़त से जो दिल में संजोए रखे थे तो एक ऐसा वक्त आया कि दिल के अंदर से मायूस होके हल्की सी आवाज़ आई कि क्यूं ना हम ये दूरियों को हम नजदीकियों में बदल दें तो हुआ यूं कि हम लोग फिर इतना करीब आ गए कि जैसे हम लोग के बीच कभी ना दूर जाने मोड़ ही ना आए पहले तो हम लोग कि मैसेज से बात हुआ करती थी लेकिन कुछ दिनों से हम कुछ ज्यादा ही करीब आ गए थे तो धीरे धीरे। हल्की - फुल्की सी बातें होने लगी और हम लोग एक दूसरे को अच्छी तरह समझने भी लगे । और ऐसा होता भी क्यूं ना क्योंकि हम लोग सिर्फ़ एक दूसरे के लिए हमेशा टाइम दिए और।
                       ये भी सोचते थे कि जब भी बात करेंगे तो सिर्फ तुमसे करेंगे शायद इन्हीं कारणों से हम लोग एक दूसरे के इतना करीब आए अब हम यही सोचते हैं कि हैं कि हम लोगों का प्यार इसी तरह चलता रहे और हम कभी दूर जाने को सोचे भी ना और हम लोगों से छोटी - मोटी गलती भी होती है तो हम लोग एक्सेप्ट कर लेंगे अगर हम लोग इसी तरह चलते रहे तो हम लोग बहुत दूर तक जाएंगे और हम लोगों के खुद में बहुत बदलाव आ जाएगा क्यूंकि हम लोग एक दूसरे के बारे में कभी निगेटिव सोच ही नहीं रखेंगे तो हम लोग के रिश्ते में कभी भी दूरियां नहीं आएंगी । हां एक बात है कि अगले इंसान से इस प्रकार बातें होने लगती हैं की धीरे धीरे इंसान कभी दूर जाने के बारे सोचता तक नहीं है । 
             सबसे पहले इंसान तो सिर्फ़ एक दूसरे को देखता है फिर उसके बाद जो भी चीजें होती हैं वो तो धीरे धीरे आगे बढ़ने के बाद समझ आती हैं । वैसे कभी कभी बात ना हो पाना इंसान की मजबूरी हो जाती है और अगले इंसान को ये लगता है की वो हमारे बिना ही खुश हैं । और जो इंसान जिसको दिल से मानता है तो चाहे कितनी भी दूरियां हो जाएं रिश्ते में तब भी एक दूसरे को कभी नहीं बोलता । हम खुदा से यही दुआ करते है कि खुदा चाहे मेरी खुशियां छीन ले के तुमको दे दे लेकिन तुमको कोई दुख ना दे क्यूंकि तुमको मैं हमेशा खुश देखना चाहता और हां तुम कोई ज़ख़्म और जरूरत नहीं हो की वक्त आने पर भर जाए तुम वो कमी हो जो जिन्दगी भर रहेगी । 


 अनिल .... ✍️✍️

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