इत्तेफ़ाक ऐ मुलाकात 🤝
वो मिले भी तो चंद कुछ मिनटों के लिए और वो समय मेरे लिए बहुत ही प्रभावशाली रहा । मुझे उस वक्त कुछ समझने तक का मौका नहीं मिला , और चीजें इतना जल्दी हुईं कि , हम एक दूसरे को देखते रह गए , फिर ऐसा करते करते कुछ ही समय बाद वो भी मेरी आंखों से धीरे धीरे ओझल हो गए । मैं उनको देखकर बिलकुल शांत हो गया । फिर कुछ समय तक वहीं ठहरा रहा । मैं यह सोचने लगा कि अखिरखार इत्तेफ़ाक ही सही उनसे मुलाकात तो हुई । वो जाते जाते सिर्फ़ यही कह के गए कि पहले आप बोले क्यों नहीं । अब ये सब इतना जल्दी हुआ कि हम उनके प्रश्नों का उत्तर देने में बिलकुल असमर्थ हो गए ? लेकिन फिर हम बोले की कहां जा रहे हो । सिर्फ़ इतना ही बोलने के बाद वो बोलते हैं की अच्छा चलते हैं । शायद उनका कुछ काम था फिर वो...