मुलाकात 🤝
मुलाकात का भी अपनी जगह एक विशेष महत्व है, चाहे वो दिल का दिल से या फिर रूह का रूह से ,मुलाकात का अपना एक अलग स्थान है और एक अलग आनंद है । मुलाकात के बाद कुछ चीजों का हमे इल्म रहता है जिसे हम उस समय बोल नही पाते हैं, अमूमन मुलाकात का मजा लंबे अरसे बाद मिलने से होता है क्योंकि तब तक हमे एक दूसरे से कहने बताने के लिए बहुत सारी बातें हो जाती हैं। अलार्म की घण्टी बजी तो आंखों ने एक और नया सबेरा देखा, लेकिन आज न तो सूरज दिख रहा था और न ही उसकी किरणें ,मतलब आज आसमान पर बदल छाए हुए हैं। मैं तैयार हुआ और घर से बाहर निकला तो देखा आज मौसम भी काफी हसीन है, घर के पास में ही एक बगीचा था , जहाँ जाना मुझे काफी अच्छा लगता था ,मैं अपने कदमों को धीरे धीरे बढ़ाया और उधर चल दिया , हव...