इश्क़ की गुस्ताखियां ..🤔
Dear #ज़िंदगी# वैसे इंसान की कितनी बड़ी गलतफहमी रहती है की वो सिर्फ़ मेरे होंगे । और हम बस उन्हें एक पल देख के अपना समझ लेते हैं । ये एक प्रकार से देखा जाए तो एक पागलपन ही है कि हम कभी बेवजह अगले इंसान को अपना समझ लेते हैं । ताकि हमें ये भी पता होता है की वो मेरा कभी नहीं हो सकता है लेकिन फिर भी । अब किसी बिना बताए उसके लिए अपने मन बहुत सारे सवाल लेके सोचना फिर उन्हीं सवालों का ज़वाब ढूंढना शायद यही कुछ बातें होती हैं जो इंसान के अपनापन का अहसास दिलाती हैं । ऐसे तो कई खत लिखे होंगे हमने, कुछ पन्नो पर, कुछ मन में। शायद ये मेरा आखिरी सन्देश हो। शायद हम हर दर्द को छिपाना सीख गए हैं। मेरी मुलाक़ात कहने को तो ज़िन्दगी के हर मुकाम पर कई अलग तरह के लोगो से हुई हैं, पर आज तक ऐसा संयोग नही बना की किसी ऐसे से मिलूं जिसके बारे में हर पल सोच सकूँ। फिर एक दिन आपका आना हुआ। एक प्रकार से समझा जाए की आप हमारे दिलों की हर बात का जवाब और एहसास थे । पहली बार तो हमें ये पहली नज़र का प्यार लगा। फ़िर धीरे धीरे, हर चीज़ अच्छी लगने लगी। आपका स्वभाव, ...